Sanatan Dharma:जिसे हिंदू धर्म के रूप में भी जाना जाता है, दुनिया का सबसे पुराना धर्म है। इसकी जड़ें सिंधु घाटी सभ्यता में हैं, जो 3300-1300 ईसा पूर्व के बीच पनपी थी। संपूर्ण धरती पर हिंदू वैदिक धर्म ने ही लोगों को सभ्य बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में धार्मिक विचारधारा की नए-नए रूप में स्थापना की थी।
आज दुनियाभर की धार्मिक संस्कृति और समाज में हिंदू धर्म की झलक देखी जा सकती है। इस दौर में भारतीय लोगों ने विश्वभर में विशालकाय मंदिर, भवन और नगरों का निर्माण कार्य किया था। हिंदू धर्म ने अपनी जड़े यूरोप से लेकर एशिया तक फैला रखी थीं, जिसके प्रमाण आज भी देखने को मिलते हैं।
आज हम पूरी दुनिया से मिले ऐसे सबूतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानकर आपको भी विश्वास हो जाएगा कि सचमुच में पूरे विश्व में हिंदू धर्म ही था।
अफ्रीका में हिंदू Sanatan Dharma
भगवान शिव कहां नहीं हैं, कहते हैं कण-कण में हैं शिव… कैलाश में शिव, काशी में शिव और अफ्रीका में भी शिव। दक्षिण अफ्रीका में सुद्वारा गुफाओं में एक 6,000 वर्ष पुराना शिवलिंग खोजा गया था। यह खोज पुरातत्वविदों की एक टीम द्वारा की गई थी जो गुफाओं का पता लगा रही थी।
शिवलिंग ग्रेनाइट से बना है। यह गुफा के एक प्राकृतिक चैंबर में स्थित है, जो भूमिगत झील से घिरा हुआ है। शिवलिंग की खोज हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है, क्योंकि यह उनके धर्म की प्राचीनता और दक्षिण अफ्रीका में इसकी उपस्थिति का प्रमाण है।
रूस में हिंदू Sanatan Dharma
माना जाता है कि कई वर्षों तक रूसी जनता अपने प्राचीन देवी-देवताओं की पूजा भी करते रहे थे। कुछ लोगों ने तुरंत नए धर्म को अपना लिया, जबकि अन्य ने इसका विरोध किया।
सिंधु घाटी की सभ्यता
मानसरोवर से निकलकर सिंधु नदी अरब के समुद्र में गिर जाती हैं। प्राचीन काल में इस नदी के आसपास फैली सभ्यता को ही सिंधु घाटी की सभ्यता कहते थे। यह सभ्यता 5000 से 3500 ईसा पूर्व की मानी जाती है। इस नदी के किनारे दो स्थानों पर हड़प्पा और मोहनजोदड़ो में की गई खुदाई में सबसे प्राचीन और पूर्ण तरह विकसित देवी-देवताओं की मूर्तियां मिली हैं।
सिंधु घाटी की सभ्यता को दुनिया की सबसे रहस्तमयी सभ्यता माना जाता है, क्योंकि इसके पतन के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। आपको बता दें कि 1940 में खुदाई के समय पुरातात्विक विभाग के एमएस वत्स को एक शिवलिंग मिला जो लगभग 5000 वर्ष पुराना है। और यह साबित करता है कि सिंधु घाटी सभ्यता में हिंदू धर्म को मानने वाले लोग ही रहते थे।
कंबोडिया में हिंदू Sanatan Dharma
कंबोडिया में विश्व का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर तथा विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक स्थित है। यह कंबोडिया के अंकोर में है, जिसका पुराना नाम ‘यशोधापुर’ था। इसका निर्माण सम्राट सूर्यवर्मन द्वितीय 1112 से 1153 से ईसवी में हुआ था।
आपको बता दें कि यह विष्णु मंदिर है, जबकि इसके पूर्ववर्ती शासकों ने प्रायः शिव मंदिरों का निर्माण किया था। कंबोडिया में बड़ी संख्या में बौद्ध और हिंदू मंदिर हैं। जो इस बात को सच साबित करते हैं कि यहां भी हिंदू धर्म चरम पर था।
कर्म की अवधारणा पर आधारित है Sanatan Dharma सनातन धर्म
सनातन धर्म एक बहुदेव वादी धर्म है, जिसमें कई देवताओं और देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। सनातन धर्म कर्म की अवधारणा पर आधारित है, जो कारण और प्रभाव का कानून है। हिंदुओं का मानना है कि उनके कार्यों का उनके वर्तमान और भविष्य के जीवन पर प्रभाव पड़ेगा।
सनातन धर्म मोक्ष की अवधारणा पर भी आधारित है, जो पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति है। आशा करते हैं इस लेख द्वारा प्रदान की गई जानकारी आपको पसंद आई होगी।
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