बसंत पंचमी Basant Panchami को बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व ज्ञान की देवी माता सरस्वती को समर्पित है।
इसी क्रम में आज इस लेख में हम बात करेंगे कि
• बसंत पंचमी कब मनाया जाता है?
• वर्ष 2024 में बसंत पंचमी कब है?
• बसंत पंचमी 2024 के शुभ मुहूर्त के बारे में
बसंत पंचमी Basant Panchami कब मनाया जाता है?
हिन्दू पंचांग के अनुसार हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है। यह किसी भी बच्चे की शिक्षा प्रारम्भ करने के लिए अत्यंत शुभ तिथि मानी जाती है और इस दिन बच्चों को भेंट स्वरूप पुस्तकें, कलम या शिक्षा से जुड़ी अन्य वस्तुएं भी दी जाती है।
बसंत पंचमी Basant Panchami 2024 के शुभ मुहूर्त के बारे में
बसंत पंचमी – 14 फरवरी, 2024, बुधवार
पंचमी तिथि प्रारम्भः-13 फरवरी 2024, मंगलवार को 02:41 PM
पंचमी तिथि समापन :- 14 फरवरी 2024, बुधवार को 12:09 PM
सरस्वती पूजा शुभ मुहूर्त:- 06:34 AM से दोपहर 12:12 PM तक
बसंत पंचमी मध्याह्न का क्षण :- 12:12 PM
बसंत पंचमी Basant Panchami के दिन पड़ने वाले शुभ मुहूर्त
पंचमी तिथि प्रारम्भ:-13 फरवरी 2024, मंगलवार को 02:41 PM
पंचमी तिथि समापन :- 14 फरवरी 2024, बुधवार को 12:09 PM
सरस्वती पूजा शुभ मुहूर्त:- 06:34 AM से दोपहर 12:12 PM तक
बसंत पंचमी मध्याह्न का क्षण :- 12:12 PM
बसंत पंचमी Basant Panchami के दिन पड़ने वाले शुभ मुहूर्त –
ब्रह्म मुहूर्त :- 04:52 AM से 05:43 AM तक
प्रातः संध्या :- 05:18 AM से 06:34 AM तक
अभिजित मुहूर्त :- कोई नहीं
विजय मुहूर्त :- 02:05 PM से 02:50 PM तक
गोधूलि मुहूर्त :- 05:48 PM से 06:14 PM तक
सायाह्न सन्ध्या – 05:51 PM से 07:07 PM तक
अमृत काल :- 08:30 PM से 09:59 PM तक
रवि योग :-10:43 AM से 15 फरवरी, 06:33 AM तक
तो यह है बसंत पंचमी के दिन शुभ समय की जानकारी।
आपको बता दें कि हमारे देश में बसंत पंचमी का दिन माँ सरस्वती की उपासना के साथ ही प्रकृति में आए सुखद बदलाव के पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। बसंत पंचमी के बाद से फसलों में आई नई बालियां, चारों ओर खिलते अनेकों फूल, यहां वहां मंडराती हुई रंग बिरंगी तितलियां और हवा में घुली हुई सुंगध बताती है कि बसंत आ गया है।
“धार्मिक सुविचार” की ओर से आप सभी को बसंत पंचमी के इस मनमोहक उत्सव की ढेरों शुभकामनाएं।
FAQS
2024 में पंचमी कब है?
हिन्दू पंचांग के अनुसार पंचमी 13 फरवरी 2024, मंगलवार को 02:41 PM से शुरू है
जनवरी में पंचमी तिथि कब है?
पंचमी तिथि प्रारम्भः-13 फरवरी 2024, मंगलवार को 02:41 PM
पंचमी तिथि समापन :- 14 फरवरी 2024, बुधवार को 12:09 PM
सरस्वती पूजा शुभ मुहूर्त:- 06:34 AM से दोपहर 12:12 PM
Basant Panchami 2024: इस साल कब है वसंत पंचमी, जानें सरस्वती पूजा विधि और शुभ मुहूर्त — विस्तृत आध्यात्मिक व्याख्या एवं जीवन दर्शन
सनातन ज्ञान, श्रीमद्भगवद्गीता एवं व्यावहारिक जीवन में मानसिक शांति के सूत्रभारतीय सनातन दर्शन में प्रत्येक विचार को एक बीज के समान माना गया है। जैसा विचार हमारे मन में अंकुरित होता है, वैसा ही हमारा दृष्टिकोण और आचरण बनता है। जब व्यक्ति दैनिक जीवन की आपाधापी में ईश्वर पर विश्वास और सकारात्मक सोच को अपनाता है, तो कठिन से कठिन परिस्थिति भी सरल प्रतीत होने लगती है।
इस विचार का मूल संदेश यह है कि मनुष्य को बाहरी परिस्थितियों से विचलित होने के बजाय अपने अंतर्मन को स्थिर और शांत रखना चाहिए। जब मन में संतोष और श्रद्धा होती है, तो जीवन में स्वतः ही सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
- अतीत की व्यर्थ चिंता छोड़ें: जो बीत चुका है, उस पर शोक करने से केवल मानसिक ऊर्जा नष्ट होती है। हर नई सुबह को ईश्वर का नया अवसर मानकर कर्म करें।
- निष्काम कर्म की शक्ति (भगवद्गीता दर्शन): अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करें, किंतु फल की अत्यधिक आसक्ति से बचें। जब हम परिणामों के दबाव से मुक्त होकर काम करते हैं, तो कार्यक्षमता दोगुनी हो जाती है।
- दैनिक 5 मिनट मौन एवं श्वास ध्यान: प्रतिदिन प्रातःकाल 5 से 10 मिनट शांत बैठकर अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान लगाएं और इष्ट मंत्र (जैसे ॐ नमः शिवाय या गायत्री मंत्र) का मानसिक स्मरण करें।
“आज के दिन मैं किसी के प्रति कटु वाणी का प्रयोग नहीं करूंगा। जो परिस्थिति मेरे नियंत्रण में नहीं है, उसकी चिंता छोड़कर अपने आज के कर्म को पूरी ईमानदारी से करूंगा।”
💡 सकारात्मक विचार ही सुखी एवं सफल जीवन की असली कुंजी हैं।उत्तर: यह विचार व्यक्ति को प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य, सकारात्मकता और आत्मबल बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
उत्तर: प्रतिदिन सुबह 10 मिनट पवित्र ग्रंथों का पठन, 108 नाम-जप और प्रकृति के सानिध्य में ध्यान लगाने से मन सकारात्मक बनता है।





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