Vinayak Chaturthi:- सनातन धर्म में भगवान गणेश प्रथम पूज्य माने जाते हैं। अर्थात प्रत्येक पूजा से पहले श्री गणेश जी का आह्वान और पूजन किया जाता है। प्रत्येक वर्ष में हर माह आने वाला विनायक चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश को ही समर्पित है। हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला यह पर्व मनोवांछित फल देने वाला माना जाता है।
Vinayak Chaturthi 2024:- इस लेख में जानेंगे
1. विनायक चतुर्थी कब मनाई जाएगी?
2. विनायक चतुर्थी का महत्व?
1. विनायक चतुर्थी Vinayak Chaturthi कब मनाई जाएगी
पौष विनायक चतुर्थी – 14 जनवरी 2024, रविवार
गणेश पूजा शुभ मुहूर्त 14 जनवरी 11:03 AM से 01:11 PM तक
• प्रारम्भ – 14 जनवरी रविवार 07:59 AM से
• समाप्त – 15 जनवरी सोमवार 04:59 AM तक
2. विनायक चतुर्थी Vinayak Chaturthi का महत्व
सनातन धर्म में विनायक जयंती बहुत महत्वपूर्ण मानी गई है। भक्त प्रत्येक माह में आने वाली इस चतुर्थी का विधिवत पालन करते हैं और व्रत रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से सभी तरह के कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-सौभाग्य सदैव बना रहता है।
इस दिन जो जातक सच्ची आस्था और श्रद्धा से भगवान गणेश की पूजा करते हैं, उन्हें मनोवांछित फल प्राप्त होता है।
सनातन धर्म में विनायक जयंती बहुत महत्वपूर्ण मानी गई है। भक्त प्रत्येक माह में आने वाली इस चतुर्थी का विधिवत पालन करते हैं और व्रत रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से सभी तरह के कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-सौभाग्य सदैव बना रहता है। इस दिन जो जातक सच्ची आस्था और श्रद्धा से भगवान गणेश की पूजा करते हैं, उन्हें मनोवांछित फल प्राप्त होता है।
Vinayak Chaturthi 2024 :- शुभ लाभ
एक कथा के अनुसार- एक बार माता पार्वती नर्मदा नदी के किनारे भगवान शिव के साथ चौपड़ खेल रही थीं, लेकिन वहां पर जीत-हार का निर्णय करने वाला कोई नहीं था। अतः भगवान शिव ने तिनकों की सहायता से एक पुतला बनाया और उसमें प्राण डाल दिए। अब यह बालक चौपड़ के खेल में विजय का फैसला कर रहा था। उसने भगवान शिव को इस खेल में विजयी घोषित किया परंतु जीत माता पार्वती की हुई थी। अतः बालक के गलत फैसले से क्रुद्ध होकर माता पार्वती ने उसे अपंग होने का श्राप दिया।
श्राप मिलते ही बालक को अपनी गलती का आभास हुआ, और उसने माता से क्षमा-याचना की। पार्वती जी ने उसे बालक से कहा, तुम गणेश व्रत का विधि-विधान से पालन करो। ये व्रत करने से श्राप का प्रभाव समाप्त हो जायेगा। बालक ने माता पार्वती द्वारा बताई गई विधि से गणेश चतुर्थी के व्रत का पालन किया और भगवान गणेश के आशीर्वाद से वह बिल्कुल ठीक हो गया।
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